खरगे ने टेलीविजन पर प्रसारित विज्ञापनों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पान मसाला और विभिन्न उत्पादों के विज्ञापनों के बजाय आजादी के नायकों, उनके विचारों और देश के सकारात्मक कार्यों को सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को युवाओं तक पहुंचाकर देशभक्ति की भावना मजबूत करनी होगी और समाज को बांटने के बजाय जोड़ना होगा।
नई दिल्ली (Naren Danu) : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को देश में सामाजिक एकता और राजनीतिक सोच को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। ‘रचनात्मक कांग्रेस’ के राष्ट्रीय अधिवेशन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बुनियादी सोच देश को जोड़ने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की रही है, जबकि कुछ ताकतें समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही हैं।
खरगे ने कहा कि महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और डॉ. भीमराव आंबेडकर ने ऐसे भारत का सपना देखा था, जहां हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इन महान नेताओं की कल्पना वाले भारत को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि देश को बांटने के बजाय लोगों के बीच एकता और भाईचारे को मजबूत करना जरूरी है। खरगे के मुताबिक, स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों के विचारों और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की जरूरत है, ताकि युवाओं में देशभक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना मजबूत हो।
खरगे ने टेलीविजन पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि टीवी पर पान मसाला, तेल और अन्य उत्पादों के विज्ञापनों की भरमार है, जबकि देश के सकारात्मक कार्यों और स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों को सामने लाने के लिए अधिक जगह मिलनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आजादी के नायकों की सोच युवाओं तक पहुंचाने से देश के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण की भावना पैदा होगी। उन्होंने दोहराया कि भारत की मजबूती तभी कायम रह सकती है, जब समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए।