चमोली की विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार शाम अचानक पानी का प्रवाह बढ़ने से हादसा हुआ। राहत दलों ने 20 श्रमिकों को बाहर निकाल लिया, जबकि छह की मौत हो गई। घायलों को गोपेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर घायलों के लिए श्रीनगर बेस अस्पताल और एम्स ऋषिकेश को अलर्ट पर रखा गया है, प्रशासन ने हेलीकॉप्टर से शिफ्टिंग की तैयारी भी की है।
देहरादून (Naren Danu) : उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी के पास मायापुर में निर्माणाधीन टीएचडीसी सुरंग गुरुवार शाम अचानक पानी और मलबे की चपेट में आ गई। हादसे के समय सुरंग के भीतर काम कर रहे करीब 22 श्रमिक फंस गए। देर रात तक चलाए गए राहत अभियान में 20 श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया, जिनमें छह की मौत हो चुकी थी और 14 घायल हैं। सुरंग में फंसे बाकी श्रमिकों की तलाश और सुरक्षित निकासी के लिए अभियान जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन ने राहत एवं बचाव एजेंसियों को मौके पर उतार दिया। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस, आईटीबीपी और चिकित्सा दलों के साथ टीएचडीसी की मशीनरी और कर्मचारी भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर अभियान की कमान संभाली और बचाव कार्यों की निगरानी की।
घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय गोपेश्वर पहुंचाया गया। गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए बेस अस्पताल श्रीनगर और एम्स ऋषिकेश को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर गंभीर घायलों को हेलीकॉप्टर से उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी तैयार रखी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर रात राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर पूरे अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सुरंग में फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित निकालने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए श्रमिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत कर उनका हाल जाना और भरोसा दिलाया कि सरकार प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ खड़ी है।
धामी ने उपचार, दवाइयों, भोजन और रहने समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चमोली के जिलाधिकारी से फोन पर बात कर रेस्क्यू ऑपरेशन और चिकित्सा व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से भी संपर्क कर प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने भी घटना पर चिंता जताते हुए आपदा प्रबंधन सचिव से जानकारी ली। उन्होंने सभी एजेंसियों को युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाकर सुरंग में फंसे लोगों को जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए।
अचानक बढ़ा पानी, फिर मलबे ने रोका रास्ता
टीएचडीसी के कार्यकारी निदेशक (परियोजनाएं) कुमार शरद के अनुसार, पीपलकोटी में विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेलरेस सुरंग में गुरुवार शाम अचानक पानी का प्रवाह बढ़ गया। इसके बाद सुरंग के भीतर एक कैविटी बनी और मलबा गिरने से करीब 22 श्रमिक अंदर फंस गए।
कुमार शरद ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बारिश की संभावना को देखते हुए परियोजना में काम रोकने के विकल्प पर भी विचार किया गया था। हालांकि घटना के समय सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही थीं। उनके अनुसार, हादसा अचानक पानी का प्रवाह बढ़ने के कारण हुआ।
प्रशासन के मुताबिक सुरंग की स्थिति का लगातार आकलन किया जा रहा है और भारी मशीनरी की मदद से बचाव दल फंसे श्रमिकों तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं।
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