हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण के विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इसे सामाजिक सद्भाव और संविधान की भावना के खिलाफ बताते हुए समानता, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : उत्तराखंड के हल्द्वानी में दलित समाज से आने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी जिस मंच से देश को संबोधित कर चुके हैं, उस स्थान पर भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों द्वारा कथित रूप से गंगाजल और हवन के माध्यम से शुद्धिकरण किए जाने की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और सामाजिक सद्भाव पर चोट करने वाली है।
इस घटना के विरोध में पानीपत लघु सचिवालय के सामने कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथियों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया।
मैंने भी अपने साथियों के साथ इस विरोध-प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हुए ऐसी संकीर्ण और जातिवादी मानसिकता के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति के सम्मान की नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान, समानता और संविधान के मूल्यों की लड़ाई है।
भाजपा और आरएसएस के उन लोगों को समझना होगा कि भारत का संविधान किसी की जाति देखकर सम्मान देना या अपमान करना नहीं सिखाता। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जिस समानता और सामाजिक न्याय के भारत का सपना देखा था, उसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
जो लोग समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति करते हैं, उन्हें देश की जनता करारा जवाब देगी।
नफरत और भेदभाव के खिलाफ हमारी आवाज बुलंद रहेगी।
सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई जारी रहेगी।
संविधान की रक्षा का संघर्ष जारी रहेगा।