सुखमनी इंटरनेशनल स्कूल-कॉलेज से 15 कर्मियों को कथित तौर पर नौकरी से निकाले जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन लखोवाल ने 19 अगस्त को कॉलेज के बाहर काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। गांव दप्पर में आयोजित बैठक में यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रभावित कर्मचारी पिछले पांच महीने से अपने अधिकारों की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। यूनियन ने प्रबंधन पर कर्मियों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मामले के जल्द निपटारे की मांग की है।
लालड़ू : सुखमनी इंटरनेशनल स्कूल-कॉलेज प्रबंधन द्वारा कथित तौर पर 15 कर्मियों को नौकरी से निकाले जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन लखोवाल ने इस मुद्दे पर प्रबंधन के खिलाफ संघर्ष तेज करने का एलान करते हुए 19 अगस्त को कॉलेज के बाहर काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
रविवार को गांव दप्पर में यूनियन की अहम बैठक प्रदेश उपाध्यक्ष मनप्रीत सिंह अमलाला की अध्यक्षता में हुई। बैठक में यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि 15 कर्मियों को कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से नौकरी से निकाल दिया गया और वे पिछले करीब पांच महीने से अपने अधिकारों की मांग को लेकर स्कूल के बाहर धरने पर बैठे हैं। यूनियन का कहना है कि अब तक न तो प्रबंधन ने उनसे कोई ठोस बातचीत की और न ही प्रशासन स्तर पर समाधान निकल पाया है।
रंगारंग कार्यक्रम के बीच कर्मियों की मांगों की अनदेखी का आरोप
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि एक तरफ प्रभावित कर्मियों के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 19 अगस्त को कॉलेज परिसर में बड़े स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यूनियन ने इसे कर्मियों की मांगों की अनदेखी बताते हुए विरोध दर्ज कराने का फैसला लिया है।
मनप्रीत सिंह अमलाला ने कहा कि 19 अगस्त को कॉलेज के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि प्रबंधन प्रभावित कर्मियों के मामले का जल्द समाधान करे।
बैठक में गुरप्रीत सिंह जसताना कलां, रणजीत सिंह राणा, कार्यकारी अध्यक्ष हरी सिंह बोहड़ा, जगतार सिंह झरमड़ी, रणजीत सिंह भगवानपुर, गुरपाल सिंह दप्पर, नानू सिंह जनेतपुर और कमलजीत सिंह समेत कई यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।