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दिनेश मौदगिल लुधियाना, 1 फरवरी : जिला कांग्रेस कमेटी लुधियाना शहरी के पूर्व अध्यक्ष और पंजाब लार्ज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन पवन दीवान ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज पेश किए गए बजट को पिछड़ा, तबाहकारी और निराशाजनक करार दिया है और कहा है कि लुधियाना के उद्योगों के पुनरुद्धार से जुड़ी उम्मीदें इस खोखले बजट से टूट गई हैं, जिसने शहर के महत्वपूर्ण औद्योगिक मुद्दों को स्पष्ट रूप से नजरअंदाज किया है। दीवान ने केंद्रीय बजट को पंजाब के लिए खोखला बताते हुए, कहा कि लुधियाना के औद्योगिक ढांचे को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि कई समस्याओं के कारण पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रही लुधियाना की इंडस्ट्री को मजबूत और सुधारात्मक कदमों की तत्काल जरूरत थी। लेकिन बजट में उद्योगों के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया और न ही इंडस्ट्री के पुनरुद्धार के लिए कोई ठोस रोडमैप पेश किया गया। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि इस बजट ने औद्योगिक क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है और शहर की आर्थिक रीढ़ को आवश्यक सहयोग से वंचित कर दिया है। दीवान ने कहा कि बजट भाषण बिल्कुल ही फीका और मूल मुद्दों से रहित था। उन्होंने कहा कि भाषण में पारदर्शिता की कमी थी और महत्वपूर्ण योजनाओं तथा फ्लैगशिप स्कीमों के लिए फंड आवंटन को लेकर कोई स्पष्टता नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने विपक्ष शासित राज्यों की जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज किया है। इस दौरान दीवान ने केंद्र सरकार पर हमला तेज करते हुए, कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पंजाब के साथ “धोखा” किया है और “पीठ में छुरा घोंपा है”, जिसके चलते किसानों से लेकर उद्योगों तक समाज का हर वर्ग अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सार्थक सुधार और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता नहीं दिखाई गई, तो सरकार की खोखली बातें जनता में और अधिक नाराजगी पैदा करेंगी व अर्थव्यवस्था को और मंदी की तरफ धकेल देंगी।