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कुपवाड़ा (नॉर्थ कश्मीर) 2 Feb : उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में जड्डा–करनाह सड़क भारी बर्फबारी के कारण अब भी आंशिक रूप से बंद है, जिससे स्थानीय लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार अपीलों के बावजूद सड़क पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है, जिसके कारण लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें और जरूरी सेवाओं तक पहुंच बाधित हो रही है। इलाके से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने हालात की गंभीरता को उजागर कर दिया है, जहां एक महिला को सड़क पर जमी बर्फ और क्षतिग्रस्त हिस्से के कारण वाहन नहीं चल पाने पर स्थानीय लोगों को कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ा। यह घटना जमीनी हकीकत और समय पर कार्रवाई में कमी को साफ तौर पर दर्शाती है। जड्डा–करनाह सड़क कई दूरदराज गांवों के लिए जीवनरेखा है, खासकर आपात स्थितियों में। लंबे समय तक सड़क बंद रहने से सामान्य जीवन प्रभावित होता है और मरीजों, बुजुर्गों तथा गर्भवती महिलाओं के लिए अस्पताल तक पहुंचना जोखिम भरा बन जाता है। स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए इसे प्रशासनिक उदासीनता का नतीजा बताया है। उनका कहना है कि बर्फबारी यहां हर साल होती है, इसके बावजूद समय पर बर्फ हटाने और सड़क रखरखाव में देरी खराब योजना और कमजोर अमल को दर्शाती है। वहीं सड़क एवं भवन (आर एंड बी) विभाग ने सफाई देते हुए कहा है कि जड्डा–करनाह सड़क के अंतिम हिस्से पर बर्फ हटाने का काम जारी है। विभाग के अनुसार भारी बर्फ जमने से सड़क का मैकडमाइज्ड हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, और नुकसान से बचाने के लिए कुछ समय के लिए मशीनों से बर्फ हटाने का काम रोका गया। अब विभाग ने फील्ड स्टाफ को मैन्युअल तरीके से बर्फ हटाने के निर्देश दिए हैं और आश्वासन दिया है कि जल्द ही सड़क को ग्राउंड लेवल तक साफ कर लिया जाएगा, ताकि मरम्मत और बहाली का काम सुचारू रूप से किया जा सके। फिलहाल सड़क की हालत अभी भी मुश्किल बनी हुई है। हालिया घटना, जिसमें महिला को कंधों पर उठाकर ले जाया गया, एक बार फिर यह साबित करती है कि सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में सड़क संपर्क सर्दियों के दौरान लोगों के लिए जीवनरेखा बन जाता है, खासकर चिकित्सा और आपात परिस्थितियों में।