Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
जीरकपुर 04 Feb : बलटाना स्थित रविंद्रा एनक्लेव में 35 फुट चौड़े रास्ते को लेकर चल रहा विवाद लगातार दूसरे दिन भी शांत नहीं हो सका। मंगलवार के बाद बुधवार को भी स्थानीय निवासियों और जमीन मालिक पक्ष के बीच करीब तीन से चार घंटे तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा, जिसकी मौजूदगी में हालात पर काबू पाया जा सका। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह रास्ता कॉलोनी के नक्शे में 35 फुट चौड़ी सड़क के रूप में दर्ज है और वर्षों से लोग इसी मार्ग का उपयोग करते आ रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि जमीन की सफाई के बहाने अचानक रास्ता बंद करने की कोशिश की जा रही है। विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं भी सड़क पर उतर आईं। स्थानीय महिला निवासी डिंपल, सुमन राणा और संगीता चौहान ने कहा कि यदि सफाई कार्य किया जाना था तो पहले से कॉलोनीवासियों को सूचना दी जानी चाहिए थी और वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करनी चाहिए थी। अचानक रास्ता बंद किए जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समाजसेवी प्रताप सिंह राणा ने बताया कि रविंद्रा एनक्लेव से ट्रिब्यून कॉलोनी तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव वर्ष 2016 में पास हुआ था और 2023 में इसे दोबारा रिवाइज कर करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये का टेंडर भी अलॉट किया गया था। हालांकि अब तक काम शुरू नहीं हो पाया। उनका आरोप है कि सरकार बदलने के बाद यह मामला लटक गया और अब जमीन मालिक इसे निजी जमीन बता रहा है। वहीं जमीन मालिक के केयरटेकर ने दावा किया कि संबंधित भूमि सीलम सोई की पुश्तैनी संपत्ति है। उन्होंने कहा कि सभी वैध दस्तावेज, फर्द और जीपीएस मैपिंग उनके पास मौजूद हैं और यहां किसी प्रकार का सार्वजनिक 35 फुट चौड़ा रास्ता नहीं है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े टकराव की आशंका को टाला जा सके। इस मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी से प्रतिक्रिया लेने के लिए फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। बॉक्स रविंद्रा एनक्लेव वेलफेयर सोसाइटी ने कार्यकारी अधिकारी को सौंपा मांग पत्र रविंद्रा एनक्लेव वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान सुरेश खटकड़ के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर परिषद जीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी परविंदर सिंह भट्टी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मांग पत्र सौंपते हुए बताया कि 35 फुट चौड़ी सड़क का मता दो बार पास हो चुका है और एक बार उद्घाटन भी किया गया था। वर्ष 2016 और 2023 में करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत हुआ और टेंडर अलॉट किया गया, लेकिन अब तक सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने नगर परिषद से कागजात जांच कर जल्द उचित कदम उठाने की मांग की। इस संबंध में कार्यकारी अधिकारी से फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। कोटस “हमारी सरकार के समय इसका प्रस्ताव भी पास हुआ था और टेंडर भी अलॉट हो गए थे। बस काम शुरू होना बाकी था। अब सरकार बदल गई है, इसलिए जो भी कहा जा रहा है, वह सब हवा-हवाई है।” — उदयवीर ढिल्लो, अध्यक्ष, नगर परिषद, जीरकपुर