링크모음스포츠중계주소야주소킹링크모음주소야주소모음주소콘여기여bulk Ahrefs DR checker주소킹여기여주소모음아이러브밤여기여주소모음링크모음casibombetciocasibomcasibomcasibom girişcasibomcasibom telegramgrandpashabet 8255holiganbet 7672holiganbet 7672grandpashabet 8255grandpashabet 8254holiganbet 7673jojobet 8232holiganbet 7673jojobet 8233jojobet 8233casibomHacklink Satın AlHacklink Satin alcasibomcasibom링크모음주소모음링크모음hacklink : linkforge.ccBacklink : https://linkforge.cc/Backlink : https://linkforge.cc/Buy Backlink : https://linkforge.cc/주소가자주소온길토토사이트주소온길주소온길주소온길주소온길주소모음주소모음링크모음주소모음주소온길토토사이트먹튀검증슬롯사이트토토사이트주소모음링크모음주소모음주소모음주소모음링크모음토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트먹튀검증커뮤니티주소온길주소온길주소모음주소모음링크모음주소모음링크모음주소모음링크모음주소모음링크모음주소모음링크모음링크모음주소모음링크모음토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트주소모음주소가자토토사이트토토솔루션카지노솔루션토토솔루션카지노솔루션토토솔루션먹튀검증먹튀검증 커뮤니티먹튀검증먹튀검증 커뮤니티주소온길링크모음주소모음링크모음주소온길주소모음주소타임주소모음 링크모음주소모음주소모음링크모음주소모음주소모음주소모음주소모음링크모음링크모음주소모음주소모음링크모음토토솔루션주소모음링크모음링크모음토토솔루션카지노솔루션주소모음링크모음주소모음주소모음링크모음주소모음링크모음토토사이트토토사이트주소모음링크모음토토사이트토토사이트링크모음링크모음링크모음링크모음주소모음사이트모음카지노솔루션주소모음주소모음링크모음주소가자주소모음링크모음주소모음주소모음링크모음주소모음주소모음링크모음주소가자링크모음주소모음주소모음주소모음주소모음주소모음링크모음주소모음주소모음주소모음
तिरुवनंतपुरम में सत्ता परिवर्तन 45 साल का वाम राज खत्म भाजपा के हाथ नगर निगम - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
New Delhi: दिल्ली जल बोर्ड टेंडर मामले में सत्येंद्र जैन गिरफ्तार, पूर्व CEO समेत 6 पर ACB की कार्रवाई; मनी ट्रेल की जांच तेज Panipat: चंडीगढ़ में संसदीय राजभाषा उप-समिति का दो दिवसीय निरीक्षण, 12 शहरों के 84 कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग की समीक्षा Amritsar: फिरोजपुर मंडल के 38 सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को मिले ₹20.47 करोड़ से अधिक, डीआरएम संजीव कुमार ने सौंपे भुगतान Kurukshetra: लिव-इन और प्रेम विवाह समेत सामाजिक मुद्दों पर खाप प्रतिनिधियों ने सीएम सैनी से की मुलाकात, 22 अगस्त को कुरुक्षेत्र में फिर होगा मंथन Ludhiana: विश्व फोटोग्राफी दिवस पर लुधियाना में दिखेगा बदलते शहर का आईना, 10वीं वार्षिक फोटो प्रदर्शनी ‘वन थाउज़ेंड वर्ड्स’ आज से Ludhiana: ग्लैम अप सैलून ने होटल पैराडाइज़ ड्रीम में मनाया तीज का पर्व, पंजाबी रंग में रंगा समारोह Amritsar: अमृतसर में वर्ल्ड सिख मिलिट्री शहीद यादगारी कमेटी इटली के सदस्य मनजिंदर सिंह का सम्मान Chandigarh: पंजाब में ट्रांसफर-पोस्टिंग नेटवर्क की ED जांच का दायरा बढ़ा, चैट्स में टेंडर, हथियार लाइसेंस और जमीन सौदों के भी दावे Chandigarh: 14 देशों के विद्यार्थियों से सीएम सैनी ने किया संवाद, बोले- ‘गो ग्लोबल’ सोच के साथ आगे बढ़ें युवा Chandigarh: हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की छुट्टी पर सख्ती, कैजुअल लीव के लिए भी पूर्व मंजूरी अनिवार्य Ludhiana: DMC&H कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी में नए सत्र से 50 विद्यार्थियों को मिलेगा दाखिला, आधुनिक सुविधाओं से होगी पढ़ाई Ludhiana: CICU के ‘सेल्स ऑन स्टेरॉयड लाइव!’ में 200 से अधिक उद्यमियों ने सीखी बिक्री बढ़ाने की रणनीतियां
Logo
Uturn Time
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में नगर निगम चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश दे दिया है। 45 वर्षों से जिस नगर निगम पर वाम दलों का दबदबा रहा, वहां पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता पर कब्जा कर लिया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कोडुंगनूर वार्ड से पार्षद वीवी राजेश का मेयर चुना जाना केवल एक पद की जीत नहीं, बल्कि उस राजनीतिक बदलाव का संकेत है, जिसकी चर्चा लंबे समय तक केरल की राजनीति में होती रहेगी। नगर निगम के मेयर चुनाव में वीवी राजेश को 51 वोट मिले, जबकि एलडीएफ उम्मीदवार को 29 और कांग्रेस नीत यूडीएफ के प्रत्याशी को 17 वोटों से संतोष करना पड़ा। तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्डों में हुए चुनाव में भाजपा ने 50 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया। यह आंकड़ा इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे पहले भाजपा कभी इस निगम में सबसे बड़ी पार्टी नहीं बन पाई थी। कांग्रेस नीत यूडीएफ ने भी पिछली बार की तुलना में सीटें बढ़ाईं, लेकिन सत्ता की कुर्सी उससे दूर ही रही। वहीं, वाम दलों के लिए यह नतीजा सबसे बड़ा झटका साबित हुआ, क्योंकि चार दशकों से अधिक समय तक नगर निगम उनकी राजनीतिक ताकत का प्रतीक रहा है। मेयर चुने जाने के बाद वीवी राजेश ने इसे ऐतिहासिक पल बताया। उन्होंने कहा कि तिरुवनंतपुरम में आया यह बदलाव पूरे केरल की राजनीति की दिशा बदलने की क्षमता रखता है। राजेश ने भरोसा दिलाया कि उनका कामकाज ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना पर आधारित होगा और निगम के सभी 101 वार्डों में समान रूप से विकास योजनाएं लागू की जाएंगी। उनका कहना है कि शहर को देश के विकसित और आधुनिक शहरों की सूची में शामिल करना उनका मुख्य लक्ष्य रहेगा। भाजपा ने मेयर पद के साथ उपमेयर पद के लिए भी अपना चेहरा तय किया है। पार्टी ने आशा नाथ को उपमेयर पद का उम्मीदवार बनाया है। उम्मीदवारों के नामों की घोषणा से पहले प्रदेश और जिला स्तर पर लंबी चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सेवानिवृत्त डीजीपी आर श्रीलेखा के नाम पर भी मेयर पद के लिए विचार हुआ था, लेकिन संगठन के एक वर्ग के विरोध के चलते सहमति नहीं बन पाई। अंततः संगठनात्मक अनुभव और पार्षदों के समर्थन को देखते हुए वीवी राजेश को आगे किया गया। इस जीत को भाजपा नेतृत्व जनता की नाराजगी और बदलाव की चाह से जोड़कर देख रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पिछले कई वर्षों में नगर निगम बुनियादी सुविधाएं देने में नाकाम रहा। नालों की सफाई, पेयजल आपूर्ति, कचरा प्रबंधन और सड़कों की हालत जैसे मुद्दे लगातार जनता के बीच चर्चा में रहे। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने इन्हीं मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और आरोप लगाया कि निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था। इसका असर वोटिंग पैटर्न पर साफ दिखा। केंद्रीय मंत्री और तिरुवनंतपुरम से सांसद सुरेश गोपी ने इस जीत को शहर के लोगों के लिए ऐतिहासिक पल बताया। उन्होंने कहा कि अब नगर निगम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार विकास कार्य होंगे। सुरेश गोपी ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ तिरुवनंतपुरम को मिलेगा और नए मेयर को राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर पूरा सहयोग दिया जाएगा। शुरुआती योजनाओं में सड़कों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था में सुधार और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के प्रोजेक्ट शामिल बताए गए हैं। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी इस नतीजे को बड़ा बदलाव करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीपीएम ने कांग्रेस की अंदरूनी मदद से वर्षों तक नगर निगम को अपने नियंत्रण में रखा और विकास के नाम पर बहुत कम काम हुआ। उनका कहना है कि 45 साल में भी पानी, कचरा और जल निकासी जैसी बुनियादी समस्याएं हल नहीं हो पाईं। अब जब जनता ने भाजपा को मौका दिया है, तो काम आज से ही शुरू होगा और लक्ष्य तिरुवनंतपुरम को देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल करना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजधानी में भाजपा की यह जीत आने वाले स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाली है। केरल की राजनीति लंबे समय से वाम दलों और कांग्रेस गठबंधन के बीच सिमटी रही है। ऐसे में तिरुवनंतपुरम जैसे अहम शहर में भाजपा की जीत नए राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा करती है। यह भी माना जा रहा है कि इस नतीजे का असर सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राज्य में भाजपा के संगठन को मजबूती मिलेगी। नगर निगम के भीतर अब नई जिम्मेदारियां और चुनौतियां भी होंगी। शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है और उसके साथ ही बुनियादी ढांचे पर दबाव भी बढ़ा है। नए मेयर के सामने साफ-सफाई, ट्रैफिक जाम, जलभराव और कचरा निस्तारण जैसी समस्याओं से निपटना बड़ी चुनौती होगी। वीवी राजेश ने संकेत दिए हैं कि इन मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा और पारदर्शिता पर जोर रहेगा। कुल मिलाकर, तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा की सत्ता में एंट्री और वीवी राजेश का मेयर बनना केरल की राजनीति में एक बड़ा मोड़ है। यह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि उस बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है, जिसकी आहट अब राज्य की राजनीति में साफ सुनाई देने लगी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा इस ऐतिहासिक मौके को विकास और सुशासन में कैसे बदलती है।