गुस्ताख़ी माफ़ 31.12.2025
किसी तरह भी कीजिए, किसी तरह का वार।
मच्छर ना हारा कभी, ना पायेगा हार।
ना पायेगा हार, कहां फॉगिंग से मरता।
ना तो सुधरें लोग, निगम भी कहां सुधरता।
कह साहिल कविराय, आप लुधियाना आओ।
मच्छर को प्रभु मार, शहर को मुक्ति दिलाओ।
प्रस्तुति --- डॉ. राजेन्द्र साहिल