Uturn Time
Breaking
नगर परिषद दफ्तर में शॉर्ट सर्किट से मची अफरा-तफरी हरमिलाप नगर फेस-3 में दूषित पानी से हाहाकार रॉन्ग साइड से आए ऑटो ने बाइक को मारी टक्कर नशा करने के आरोप में युवक काबू, डोप टेस्ट में मोर्फिन पॉजिटिव एचपीएससी की परीक्षा को सफल बनाने के लिए अधिकारियों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ करना होगा डयूटी का निर्वहन:ज्योति बैंदा नशों के खिलाफ व जागरुकता के लिए भाषण मुकाबले आयोजित लॉन्गोवाल अकादमिक कॉलेज में “फेयरवेल पार्टी 2026 – ग्लो अप” का आयोजन किसी भी इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की गई: SDM मैरिज पैलेसों में फायर सेफ्टी पर सवाल, लोगों में डर और नाराजगी जीरकपुर में अवैध शराब के साथ युवक गिरफ्तार ढकोली में 23 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, नशे के ओवरडोज की आशंका ढकोली पुलिस की कार्रवाई: पांच आरोपी गिरफ्तार, 6 ग्राम हेरोइन बरामद
Logo
Uturn Time
New Delhi 24 March : Manpreet "Monica" Singh ने अमेरिका की न्याय व्यवस्था में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए टेक्सास की पहली सिख महिला न्यायाधीश बनने का गौरव प्राप्त किया है। Houston में जन्मी और पली-बढ़ी न्यायाधीश सिंह ने टेक्सास विश्वविद्यालय, ऑस्टिन से ग्रेजुएट तथा दक्षिण टेक्सास विधि महाविद्यालय से कानून की उपाधि प्राप्त की। लगभग इक्कीस वर्षों तक एडवोकेट के रूप में सेवा देने के बाद, वर्ष दो हजार बाईस में उन्हें हैरिस काउंटी दीवानी न्यायालय में न्यायाधीश नियुक्त किया गया। यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक है, बल्कि न्यायपालिका में विविधता और समान भागीदारी की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। अपने व्यावसायिक जीवन में उन्हें अनेक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्हें ह्यूस्टन युवा लॉयर्स एसोसिएशन द्वारा मोस्ट आउटस्टैंडिंग अटॉर्नी के रूप में सम्मानित किया गया, जबकि दक्षिण एशियाई लॉयर्स एसोसिएशन ने उन्हें विशिष्ट सदस्य सम्मान प्रदान किया। इसके अतिरिक्त उन्हें टेक्सास विविधता सम्मान तथा राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता से जुड़े पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। न्यायिक दायित्वों के अतिरिक्त, उन्होंने टेक्सास नागरिक अधिकार संगठन, टेक्सास नेतृत्व परिषद तथा सिख संगठन जैसे संस्थानों में सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने टेक्सास विश्वविद्यालय तथा टेक्सास अधिवक्ता परिषद के माध्यम से विधि विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए हैं। नेतृत्व क्षमता के विकास हेतु उन्होंने प्रतिष्ठित नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया है। व्यक्तिगत जीवन में वे पठन-पाठन, यात्रा और अपने परिवार, विशेषकर अपने दो किशोर पुत्रों के साथ समय बिताना पसंद करती हैं। उनकी यह उपलब्धि महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।