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चंडीगढ़, 23 दिसंबर — पंजाब सरकार ने खरीफ सीजन में धान के बजाय मक्के की खेती अपनाने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए गए साउणी मक्का पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किसानों को प्रशंसा प्रमाण पत्र देकर उन्हें “बदलाव के झंडाबरदार” बताया। कृषि मंत्री ने कहा कि यह पहल फसली विविधता, गिरते भूजल स्तर को रोकने, मिट्टी की सेहत सुधारने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार अगले सीजन में मक्का के रकबे को और बढ़ाने पर विचार कर रही है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत बठिंडा, संगरूर, गुरदासपुर, जालंधर, कपूरथला और पठानकोट जिलों में 3,708 से अधिक किसानों ने 11,326 एकड़ भूमि में सफलतापूर्वक मक्का की खेती की। सरकार ने प्रति हेक्टेयर 17,500 रुपये का प्रोत्साहन, आधुनिक मशीनरी पर सब्सिडी और मार्कफेड के जरिए उचित मूल्य की गारंटी दी। मंत्री ने कहा कि मक्का कम पानी में होने वाली टिकाऊ फसल है, जो पंजाब के भविष्य की खेती की दिशा तय करेगी।