कुरुक्षेत्र स्थित बीएपीएस स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर में आयोजित विशेष सत्संग में पूज्य ज्ञानेश्वरदास स्वामी ने भक्ति, सेवा, संस्कार और सदाचार का संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने भजन, प्रार्थना और सत्संग में भाग लेकर आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
कुरुक्षेत्र (अश्विनी वालिया) : धर्मनगरी कुरुक्षेत्र स्थित बी ए पी एस स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर में 15 अगस्त को विशेष सत्संग का आयोजन श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण में किया गया। कार्यक्रम मे बी ए पी एस सारंगपुर मंदिर के मुख्य कार्यकारी संत पूज्य ज्ञानेश्वरदास स्वामी के सान्निध्य में बड़ी संख्या में हरि भक्तों ने सत्संग का लाभ लिया और संत के दर्शन कर आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया।
सत्संग के दौरान पूज्य ज्ञानेश्वरदास स्वामी ने श्रद्धालुओं को भक्ति, संस्कार, सेवा, सदाचार और आध्यात्मिक जीवन के महत्व के बारे में प्रेरणादायी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिकता और अच्छे संस्कारों का विशेष महत्व है तथा परिवार और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए सेवा, सद्भाव और भक्ति की भावना को मजबूत करना आवश्यक है।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भजन, प्रार्थना एवं सत्संग में सहभागिता की। मंदिर परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। हरि भक्तों ने पूज्य संत के दर्शन एवं आशीर्वचन प्राप्त कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
इस अवसर बी ए पी एस स्वामिनारायण संस्था से जुड़े संतों एवं स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संभाला। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने संस्था द्वारा आध्यात्मिक साधना, सेवा, संस्कार और सामाजिक सद्भाव के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।