प्रतिकूल मौसम के कारण कालका-शिमला रेलखंड पर गुम्मन और कोटी स्टेशनों के बीच पहाड़ी से मलबा गिरने के बाद रेलवे ने कालका-शिमला एक्सप्रेस को रोक दिया। ट्रेन में सवार 172 यात्रियों को सेना के सहयोग से सड़क मार्ग के जरिए सुरक्षित कालका पहुंचाया गया। रेलवे ने यात्रियों के लिए जलपान की व्यवस्था कर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
अमृतसर (आर. के. उप्पल) : कालका–शिमला रेलखंड पर प्रतिकूल मौसम के बीच रेलवे द्वारा यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए त्वरित कार्रवाई की गई! 18 अगस्त को गुम्मन–कोटी स्टेशनों के बीच पहाड़ी से मलबा गिरने की सूचना मिली। सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेन संख्या 52458 कालका–शिमला एक्सप्रेस को 15:28 बजे कोटी स्टेशन पर रोककर नियंत्रित किया गया।
ट्रेन में सवार थे करीब 172 यात्री
ट्रेन में लगभग 172 यात्री सवार थे। रेलवे ने तत्काल ट्रैक से मलबा हटाने का काम शुरू किया। यात्रियों के आगे के सफर और कनेक्टिंग ट्रेनों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सड़क मार्ग से कालका स्टेशन पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
बारिश और भारी यातायात के बीच सेना ने बढ़ाया सहयोग का हाथ
लगातार बारिश के कारण कालका और आसपास के क्षेत्रों में सड़क यातायात काफी अधिक था। ऐसी स्थिति में रेलवे ने स्थानीय सेना अधिकारियों के साथ समन्वय कर तीन सेना वाहनों की व्यवस्था की। सेना के वाहन करीब 18:10 बजे कोटी स्टेशन पहुंचे।
19:20 बजे कालका स्टेशन पहुंचे यात्री
सेना के वाहनों के माध्यम से सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से कोटी से कालका रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया। यात्री करीब 19:20 बजे कालका स्टेशन पहुंचे। यहां रेलवे की ओर से यात्रियों के लिए पीने के पानी और जलपान की भी व्यवस्था की गई। रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने यात्रियों को आवश्यक सहायता प्रदान की।
रेलवे ने सेना के सहयोग के लिए जताया आभार
रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में समय पर सहयोग और समन्वय के लिए स्थानीय सेना अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अम्बाला मंडल ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रतिकूल मौसम के दौरान भी रेल सेवाओं के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन के लिए ट्रैक और परिस्थितियों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।