पंजाब के पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया के घर पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने आरोपी सैदुल अमीन की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपी के प्रतिबंधित आतंकी संगठन और सह-आरोपियों के साथ साजिश में शामिल होने के पर्याप्त सबूत हैं। मामले में यूएपीए की सख्त धाराएं लागू हैं।
मोहाली : पंजाब के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के जालंधर स्थित घर के बाहर ग्रेनेड फेंकने के मामले में आरोपी सैदुल अमीन की जमानत याचिका एनआईए की विशेष अदालत ने खारिज कर दी है। आरोपी अमरोहा (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है। एनआईए की विशेष जज की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपी की प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े अन्य सह-आरोपियों के साथ साजिश में शामिल होने की ओर इशारा करती है।
अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप यूएपीए एक्ट के अध्याय 4 और 6 के दायरे में आते हैं। ऐसे मामलों में यूएपीए की धारा 43डी के तहत जमानत देने पर कड़ी पाबंदी है। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी पर पंजाब में दहशत फैलाने और प्रतिबंधित संगठन के निर्देश पर बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की साजिश में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं।
कोर्ट ने ट्राइपोड टेस्ट पर भी किया विचार
अदालत ने कहा कि धारा 43(डी) के तहत जमानत पर लगी रोक ही याचिका खारिज करने के लिए पर्याप्त है। इसके बावजूद अदालत ने जमानत के लिए लागू ट्राइपोड टेस्ट यानी आरोपी के फरार होने की आशंका, गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों से छेड़छाड़ की संभावना पर भी विचार किया। अदालत के अनुसार मामले की गंभीरता, अपराध की प्रकृति और जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री को देखते हुए आरोपी को जमानत देने पर उसके अदालत की प्रक्रिया से भागने, गवाहों को प्रभावित या डराने तथा सबूतों से छेड़छाड़ करने की आशंका है।
इंस्टाग्राम के जरिये आतंकी नेटवर्क से जुड़ने का आरोप
एनआईए की जांच के अनुसार सैदुल अमीन ने वर्ष 2024 में इंस्टाग्राम के जरिये सह-आरोपी मनीष उर्फ काका राणा उर्फ अजय कुमार से संपर्क किया था। इसके बाद वह कथित तौर पर आतंकी नेटवर्क से जुड़ गया और उसे आर्थिक सहायता भी मिली। जांच में सामने आया कि बाद में उसका संपर्क सह-आरोपी कुलबीर सिंह सिद्धू से हुआ, जिसे एनआईए ने उसका मुख्य हैंडलर बताया है।
यूपी से पंजाब पहुंचकर की थी रेकी
एनआईए के मुताबिक कुलबीर सिंह सिद्धू के निर्देश पर सैदुल अमीन उत्तर प्रदेश से पंजाब आया था। उसने 5 और 6 अप्रैल 2025 को कथित तौर पर निशाने वाली जगह की रेकी की। इसके बाद 7 अप्रैल को टांडा, होशियारपुर में एक गुप्त स्थान से हैंड ग्रेनेड हासिल किया।
रात करीब एक बजे घर के बाहर फेंका था ग्रेनेड
7-8 अप्रैल 2025 की दरमियानी रात करीब एक बजे कुछ लोगों ने मनोरंजन कालिया के घर के बाहर ग्रेनेड फेंका था। ग्रेनेड मुख्य गेट के पास गिरा, जिससे गेट और घर के अंदर खड़ी इनोवा कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। एनआईए के अनुसार आरोपी का मकसद घर में मौजूद लोगों को नुकसान पहुंचाने के साथ आम लोगों में दहशत और अराजकता फैलाना था।
वारदात के बाद जालंधर रेलवे स्टेशन के पास छोड़े कपड़े और बैग
जांच के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने जालंधर रेलवे स्टेशन के नजदीक अपने कपड़े और बैग छोड़ दिए थे। एनआईए ने जांच के दौरान इन घटनाक्रमों और आरोपियों के बीच संपर्क को साजिश से जोड़ते हुए सैदुल अमीन की भूमिका सामने रखी। अदालत ने उपलब्ध सामग्री के आधार पर उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।