Uturn Time
Breaking
नगर परिषद दफ्तर में शॉर्ट सर्किट से मची अफरा-तफरी हरमिलाप नगर फेस-3 में दूषित पानी से हाहाकार रॉन्ग साइड से आए ऑटो ने बाइक को मारी टक्कर नशा करने के आरोप में युवक काबू, डोप टेस्ट में मोर्फिन पॉजिटिव एचपीएससी की परीक्षा को सफल बनाने के लिए अधिकारियों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ करना होगा डयूटी का निर्वहन:ज्योति बैंदा नशों के खिलाफ व जागरुकता के लिए भाषण मुकाबले आयोजित लॉन्गोवाल अकादमिक कॉलेज में “फेयरवेल पार्टी 2026 – ग्लो अप” का आयोजन किसी भी इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की गई: SDM मैरिज पैलेसों में फायर सेफ्टी पर सवाल, लोगों में डर और नाराजगी जीरकपुर में अवैध शराब के साथ युवक गिरफ्तार ढकोली में 23 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, नशे के ओवरडोज की आशंका ढकोली पुलिस की कार्रवाई: पांच आरोपी गिरफ्तार, 6 ग्राम हेरोइन बरामद
Logo
Uturn Time
अजीत झा, चंडीगढ़ 25 Dec । चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर चुनाव की तारीख को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्मा गया है। आम आदमी पार्टी की दो महिला पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद यह विवाद और बढ़ गया। जिला प्रशासन जनवरी के अंतिम सप्ताह में चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है, जबकि भाजपा और कांग्रेस दोनों का जोर एक जनवरी को चुनाव कराने पर है। उनका तर्क है कि देरी से कराए गए चुनाव में निर्वाचित मेयर को पूरा कार्यकाल नहीं मिल पाता, जिससे शहर के विकास कार्य प्रभावित होते हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व उप महापौर सतीश कैंथ ने भाजपा पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया और कहा कि नगर निगम अधिनियम के अनुसार मेयर का चुनाव जनवरी में होना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून और संवैधानिक भावना को राजनीतिक लाभ के लिए मोड़ना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। भाजपा के पूर्व पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली ने भी यूटी प्रशासक को पत्र भेजकर हर साल मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव एक जनवरी को कराने की मांग की है। अब प्रशासन के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं कि वह परंपरा और राजनीतिक दबाव के बीच क्या रास्ता अपनाता है।