अजीत झा,
चंडीगढ़ 25 Dec ।
चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर चुनाव की तारीख को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्मा गया है। आम आदमी पार्टी की दो महिला पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद यह विवाद और बढ़ गया। जिला प्रशासन जनवरी के अंतिम सप्ताह में चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है, जबकि भाजपा और कांग्रेस दोनों का जोर एक जनवरी को चुनाव कराने पर है। उनका तर्क है कि देरी से कराए गए चुनाव में निर्वाचित मेयर को पूरा कार्यकाल नहीं मिल पाता, जिससे शहर के विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
कांग्रेस नेता और पूर्व उप महापौर सतीश कैंथ ने भाजपा पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया और कहा कि नगर निगम अधिनियम के अनुसार मेयर का चुनाव जनवरी में होना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून और संवैधानिक भावना को राजनीतिक लाभ के लिए मोड़ना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
भाजपा के पूर्व पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली ने भी यूटी प्रशासक को पत्र भेजकर हर साल मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव एक जनवरी को कराने की मांग की है।
अब प्रशासन के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं कि वह परंपरा और राजनीतिक दबाव के बीच क्या रास्ता अपनाता है।