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चंडीगढ़ 13 Jan : पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) ने मंगलवार को सेवा भारती सराय में मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ लोहड़ी का पर्व मनाया। इस आयोजन का उद्देश्य इलाज के दौरान घर से दूर रह रहे मरीजों को भावनात्मक सहारा देना और उनमें अपनापन व उम्मीद का एहसास कराना रहा। कार्यक्रम का आयोजन अस्पताल प्रशासन एवं रिसेप्शन विभाग द्वारा किया गया।इस अवसर पर उन मरीजों और तीमारदारों को विशेष रूप से शामिल किया गया, जो लंबे समय से इलाज के चलते अपने परिवार और घर से दूर हैं और त्योहार के मौके पर अकेलापन महसूस कर रहे हैं। आयोजन के माध्यम से लोहड़ी के पारंपरिक उल्लास, आपसी जुड़ाव और साथ होने की भावना को दोबारा जीवंत करने का प्रयास किया गया। “इलाज सिर्फ दवाओं से नहीं, संवेदनाओं से भी होता है” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीजीआईएमईआर के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एवं अस्पताल प्रशासन विभाग के प्रमुख प्रो. विपिन कौशल ने कहा कि पीजीआईएमईआर केवल चिकित्सा उत्कृष्टता का केंद्र ही नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और करुणा का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ लोहड़ी जैसे पर्व मनाना यह दर्शाता है कि उपचार सिर्फ दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि दया, गर्मजोशी और भावनात्मक सहयोग भी उतना ही जरूरी है। मरीजों को बांटे गए कंबल लोहड़ी उत्सव के दौरान विश्व मानव रूहानी केंद्र की ओर से मरीजों और तीमारदारों को सर्दी से राहत के लिए कंबल वितरित किए गए। इस पहल को उपस्थित लोगों ने सराहा और इसे कठिन समय में सहारा देने वाला कदम बताया।विश्व मानव रूहानी केंद्र के प्रतिनिधि ने कहा कि संस्था का उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के मानवता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि लोहड़ी के अवसर पर मरीजों और उनके परिवारों के साथ गर्मजोशी साझा कर उन्हें यह एहसास दिलाना चाहा गया कि समाज उनके साथ खड़ा है। सहयोग से बना पारिवारिक माहौल इस अवसर पर पीजीआईएमईआर के अतिरिक्त मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अशोक कुमार सहित अस्पताल प्रशासन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने अस्पताल प्रशासन, स्वयंसेवकों और सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों की सराहना की, जिनके कारण मरीजों के लिए घर जैसा, सकारात्मक और सुकूनभरा माहौल बन सका।यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि लोहड़ी सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि साथ, संवेदना और जरूरतमंदों तक मदद का हाथ बढ़ाने का प्रतीक है।पीजीआईएमईआर ऐसे आयोजनों के माध्यम से यह साबित करता है कि समग्र स्वास्थ्य सेवा में करुणा और मानवीय सरोकारों की अहम भूमिका होती है।