फिल्म अभिनेता मनोज जोशी ने शुक्रवार तड़के उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर भस्म आरती में हिस्सा लिया। करीब ढाई घंटे मंदिर में रहे जोशी ने रुद्रपाठ सुना और बाबा महाकाल के दिव्य शृंगार के दर्शन किए। उन्होंने देश और समाज के कल्याण की प्रार्थना करते हुए कहा कि महाकाल की शक्ति और अनुभूति को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।
उज्जैन (Naren Danu) : फिल्म अभिनेता मनोज जोशी ने शुक्रवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल की भस्म आरती में हिस्सा लिया। आध्यात्मिक वातावरण में करीब ढाई घंटे बिताने के बाद उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल की शक्ति और उनकी अनुभूति को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।
मनोज जोशी रात करीब 3 बजे मंदिर परिसर पहुंचे और सुबह 5:30 बजे तक वहीं रहे। उन्होंने रुद्रपाठ सुना और भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए। आरती संपन्न होने के बाद उन्होंने भगवान के चरणों में शीश नवाया और देश एवं समाज के कल्याण की कामना की।
अभिनेता के मंदिर पहुंचने पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने उनका स्वागत किया। दर्शन के बाद मंदिर समिति ने उन्हें बाबा महाकाल का प्रसाद और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
पंचामृत अभिषेक के बाद हुआ विशेष शृंगार
भस्म आरती से पहले गर्भगृह में बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक और विधि-विधान से पूजन किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से भगवान का अभिषेक किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल को भस्म, भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट अर्पित किए गए।
भगवान का शृंगार रजत चंद्र, त्रिशूल और मुकुट से किया गया। उन्हें रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला भी धारण कराई गई। सुगंधित फूलों की माला से सजे बाबा महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।
जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
भस्म आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। विधि-विधान से हुई आरती और बाबा महाकाल के भव्य शृंगार के दर्शन कर भक्त भावविभोर नजर आए। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के जयकारों से गूंज उठा।